Saturday, January 14, 2017

Tumhe kahne ko

तुम्हें कहने को अल्फाज़ तो सारे चुन लिए थे मैंने,

मगर तुम्हारी ख़ामोशी ने उन्हें होठों तक आने नहीं दिया....!!

0 टिप्पणियाँ:

Post a Comment