Thursday, April 20, 2017

adhuri rah gai

जो अधूरी  रह  गयी वो कहानी  सोचना ..
कभी  बैठ के तनहा  अपनी बात पुरानी सोचना..!!!



कुछ अधूरी सी है .. हम   दोनों की जिंदगी ...
तुम्हे  सुकून की तलाश है और  मुझे  तुम्हारी ...!!!

1 टिप्पणियाँ:

Post a Comment