Friday, September 15, 2017

ye alag bat hai


shayari two



कदम-कदम पर तुने, 

हमें आजमाया है,हर जख्म पर वक्त का मरहम भी लगाया है,

बड़ी मुश्किल से हाथ पकड़, 

ऐ जिन्दगी,तुने हमें जीने का सलीका सिखाया है ....!!!!!



 तुझे इतनी मोहोब्बत दे चुका हूँ,
की अब किसी को देने कि लिए मेरे पास 
'मोहोब्बत' बची ही नहीं है....!!!!


अँधेरी रात में उम्मीदों के दीए जलाकर बैठे है,,,
आज भी तेरी राहों में नजरें बिछा कर बैठे है,,



ये अलग बात है कि #तुम्हें
#यकींन नही आता..,
पर ये दिल

तुम्हारे #सिवा कहीं और
नही जाता…..!!!

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